देहरादून। न्यायालय एसीजीएम निहारिका मित्तल गुप्ता की अदालत ने उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय उपाध्यक्ष जयप्रकाश उपाध्याय और अन्य पर दर्ज 2006 की राजपुर रोड पर हुए चक्का जाम के झूठे मुकदमे में बरी कर दिया है। यहां जानकारी देते हुए उत्तराखंड क्रांति दल की महानगर की कार्यकारी अध्यक्ष किरन रावत ने बताया कि वाद राजपुर थाने में गरीब लोगों के घरों में घुसकर, डीआईटी में पढ़ रहे अमीर घरों के लड़कों द्वारा मार पिटाई करने पर पुलिस ने उल्टा गरीब लोगों को बंद कर दिया था तथा अमीर लड़कों की गेस्ट रूम में चाय काफी से आवभगत की जा रही थी। उन्होंने बताया कि जिसके विरोध में सड़क पर हजारों की भीड़ एकत्रित हो गई। उन्होंने बताया कि तब दल के वरिष्ठ नेता जय प्रकाश उपाध्याय, संजय क्षेत्री, संदीप पटवाल (तत्कालीन पार्षद) जगतराम भट्ट, नरेश पुंज, वीरेंद्र रावत आदि के खिलाफ चक्का जाम व 7-क्रिमिनल ला जैसी गंभीर धाराओं में झूठा मुकदमा दर्ज किया गया।

उन्होंने बताया कि इन मामलों में भाजपा के नेता संदीप पटवाल, संजय क्षेत्री और अन्य लोगों को जेल जाना पड़ा। उन्होंने बताया कि सभी लोगों को कई कई यातनाओं से गुजरना पड़ा। उन्होंने बताया कि सभी लोगों को कई रातें जेल में काटनी पड़ी। 16 वर्ष तक चले इस मुकदमे में नरेश पुंज, वीरेंद्र रावत, जगतराम भट्ट पूर्व में ही बरी कर दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि आज न्यायालय एसीजी एम-3 ने वाद संख्या 5878 संजय क्षेत्री बनाम राज्य सरकार पर निर्णय देते हुए दल के केंद्रीय उपाध्यक्ष जय प्रकाश उपाध्याय, संजय क्षेत्री एवं संदीप पटवाल को बरी कर दिया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में भाजपा नेता संदीप पटवाल फेफड़ों के कैंसर जैसे गंभीर रोग से पीड़ित है। वह आज भी न्यायालय में उपस्थित नहीं हो पाए।