संघर्ष, समर्पण और जनसेवा की मिसाल है हिंदी पत्रकारिता की 200 वर्ष की यात्रा: डा.रमेश पोखरियाल निशंक
हिंदी पत्रकारिता द्विशताब्दी समारोह आर्थिक उदारीकरण बनाम बाजारीकरण के दौर में मीडिया की भूमिका पर गहन चर्चा जनहितकारी पत्रकारिता को आगे बढ़ाएं पत्रकार-आचार्य बालकृष्ण डिजिटल मीडिया के आने से बदला पत्रकारिता का परिदृश्य-प्रियंका शर्मा पत्रकारों को बदलते समय के साथ खुद को ढालना होगा-धर्मेद्र चौधरी हरिद्वार। हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य […]
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