सत्ता पर गहराता संकट: लंबी सत्ता, बढ़ता अहंकार और बदलता जनमत
समय और सत्ता—दोनों ही परिवर्तनशील हैं। इतिहास इस बात का गवाह रहा है कि कोई भी सत्ता हमेशा के लिए नहीं होती। लोकतंत्र में जनता ही अंतिम निर्णायक होती है और जब जनता का भरोसा कमजोर पड़ने लगता है तो मजबूत से मजबूत राजनीतिक व्यवस्था भी चुनौती के सामने खड़ी दिखाई देने लगती है। भारतीय […]
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