सत्ता पर गहराता संकट: लंबी सत्ता, बढ़ता अहंकार और बदलता जनमत

समय और सत्ता—दोनों ही परिवर्तनशील हैं। इतिहास इस बात का गवाह रहा है कि कोई भी सत्ता हमेशा के लिए नहीं होती। लोकतंत्र में जनता ही अंतिम निर्णायक होती है और जब जनता का भरोसा कमजोर पड़ने लगता है तो मजबूत से मजबूत राजनीतिक व्यवस्था भी चुनौती के सामने खड़ी दिखाई देने लगती है। भारतीय […]

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कंप्यूटर ऑपरेटर से ‘पत्रकार’ बनने की होड़, अखबार और न्यूज पोर्टलों की भरमार; पत्रकारिता के मूल सरोकार पीछे समाचारों से ज्यादा दिखावे पर जोर, जिम्मेदार पत्रकारिता के सामने खड़ी हो रही नई चुनौती

आजकल हर शहर में अखबार और न्यूज पोर्टल की बढ़ती संख्या ने सूचना के प्रसार को भले ही आसान बनाया हो, लेकिन इसके साथ पत्रकारिता की गुणवत्ता और विश्वसनीयता को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े हो रहे हैं। तकनीक के दौर में कंप्यूटर, मोबाइल और इंटरनेट की उपलब्धता ने समाचार तैयार करना और प्रकाशित करना […]

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जयपुर में 18 सितंबर से NUJI का तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन, ​पत्रकार सुरक्षा कानून, फेक न्यूज और मीडिया की साख जैसे गंभीर मुद्दों पर होगा मंथन

जयपुर। नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स, इंडिया (NUJI) का तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन जयपुर में आयोजित होने जा रहा है। आगामी 18, 19 और 20 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाले इस पत्रकार महाकुंभ में देशभर से 1,000 से अधिक वरिष्ठ पत्रकार, संपादक और मीडियाकर्मी भाग लेंगे। अधिवेशन की मेजबानी एनयूजेआई की राज्य संबद्ध इकाई ‘जर्नलिस्ट्स […]

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राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का CM योगी को संदेश: ‘जहां कमियां हैं, उन्हें बताना पड़ेगा’

MMMUT के निरीक्षण में छात्रावासों और परिसर की व्यवस्थाओं पर जताई नाराजगी, तीन महीने में सुधार के निर्देश गोरखपुर। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने गोरखपुर स्थित मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MMMUT) के 11वें दीक्षांत समारोह के दौरान विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर कड़ा रुख अपनाया। विश्वविद्यालय के निरीक्षण के दौरान सामने आई […]

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मुख्यधारा के मीडिया की गिरती विश्वसनीयता लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय

–जुगुल किशोर तिवारी बुन्देला  किसी भी लोकतंत्र में स्वतंत्र, निष्पक्ष और निर्भीक मीडिया को चौथा स्तंभ माना जाता है। यदि मीडिया की विश्वसनीयता और स्वतंत्रता पर प्रश्न उठने लगें, तो यह लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय बन जाता है। आज यह धारणा व्यापक रूप से व्यक्त की जाती है कि मुख्यधारा का मीडिया दो […]

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आधी आबादी तो ऐसा ब्लाऊजपीस दान में देती है कि इमरजेंसी पड़ जाए और छन्नी ना मिले तो चाय भी छन जाए, शुक्लाइन चाची की कहानियों का स्वर और स्वाद

शुक्लाइन चाची की कहानियों का स्वर और स्वाद –दयानंद पांडेय जैसे कोई शिक्षक किसी छात्र की ग़लती पर पतली सी छड़ी सटाक से मार दे। माधुरी महाकाश की कहानियां ऐसे ही सटाक से छड़ी मारती चलती हैं। सटाक-सटाक ! ज़रा-ज़रा सी बात पर यही ध्वनि। लेकिन जैसे शिक्षक की वह छड़ी छात्र को अच्छे नंबर […]

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आयुर्वेद, योग एवं ध्यान के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान हेतु डॉ. डी. सी. पसबोला सम्मानित

देहरादून, 1 जुलाई 2026। आयुर्वेद, योग एवं ध्यान के क्षेत्र में उल्लेखनीय एवं उत्कृष्ट सेवाओं के लिए डॉ. प्रो. डी. सी. पसबोला को ओबेरोन ग्रुप एलएलपी, पंजाब द्वारा प्रतिष्ठित “आउटस्टैंडिंग मेडिकल ऑफिसर ऑफ द ईयर 2025-26” सम्मान से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान ओबेरोन ग्रुप एलएलपी, पंजाब के निदेशकों द्वारा आयोजित एक विशेष सम्मान […]

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राम मंदिर चढ़ावा विवाद और संत समाज का मौन: क्या धर्माचार्यों को आगे आकर सत्य स्पष्ट नहीं करना चाहिए?

अयोध्या का श्रीराम मंदिर करोड़ों हिंदुओं की श्रद्धा, आस्था और सांस्कृतिक चेतना का केंद्र है। यह केवल पत्थरों से निर्मित भव्य मंदिर नहीं, बल्कि सदियों के संघर्ष, बलिदान और विश्वास का प्रतीक है। भारत ही नहीं, विश्वभर के सनातन अनुयायियों ने अपनी श्रद्धा से इस मंदिर के निर्माण में योगदान दिया। आज भी प्रतिदिन लाखों […]

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जीव-हत्या धर्म नहीं “जियो और जीने दो” ही सच्ची मानवता……….?

: धर्मेंद्र चौधरी (सामाजिक चिंतक) भारतवर्ष की सांस्कृतिक विविधता और धार्मिक परंपराएँ अपने भीतर गूढ़ विचार, नैतिक मूल्य और सामाजिक रीति-रिवाज लिए हुए हैं। बकरा ईद या ईद-उल-अजहा जैसे त्यौहार सामाजिक-सांस्कृतिक रूप से समुदायों के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। परंतु किसी भी परंपरा को अपनाने से पहले मानवता, करुणा और नैतिकता की कसौटी पर खरा […]

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वैवाहिक जिम्मेदारी और संजीदगी कहाँ खो गई क्या ऐसे ही चलेंगे वैवाहिक रिश्ते ………?

लेखक: धर्मेंद्र चौधरी (सामाजिक चिंतक) हाल ही में लक्सर के पास हुई एक घटना ने हमारी सामाजिक संवेदनाओं और वैवाहिक मूल्यों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रज्ञा सिंह नामक युवती, जो अभी-अभी विवाह कर चुकी थी और पति के साथ हनीमून व धार्मिक दर्शन कर वापस लौट रही थी, अचानक ट्रेन से गायब […]

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