सर्वजन सनातन पार्टी ने जुगल किशोर को सौंपी उत्तर प्रदेश की कमान, प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त

प्रशासनिक अनुभव और संगठनात्मक क्षमता के आधार पर राष्ट्रीय अध्यक्ष एम. नागेश्वर राव ने लिया निर्णय वाराणसी, 03 नवंबर 2026। सर्वजन सनातन पार्टी ने उत्तर प्रदेश में संगठनात्मक विस्तार और पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए पूर्व आईपीएस अधिकारी श्री जुगल किशोर जी को पार्टी का उत्तर […]

Continue Reading

शारदीय नवरात्र का पर्व इस वर्ष 11 अक्टूबर 2026, रविवार से प्रारंभ होगा और 20 अक्टूबर 2026, मंगलवार को विजयादशमी के साथ संपन्न होगा

11 अक्टूबर से शुरू होंगे नवरात्र, 20 अक्टूबर को विजयादशमी शारदीय नवरात्र का पर्व इस वर्ष 11 अक्टूबर 2026, रविवार से प्रारंभ होगा और 20 अक्टूबर 2026, मंगलवार को विजयादशमी के साथ संपन्न होगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार 20 अक्टूबर को प्रातः 9:34 बजे के बाद दशमी तिथि प्रारंभ होने के पश्चात दशमी पूजन, जयंती ग्रहण, […]

Continue Reading

सर्वपितृ अमावस्या 10 अक्तूबर शनिवार को, इसी दिन होगा पितृ विसर्जन एवं श्राद्ध पक्ष का समापन : महंत रोहित शास्त्री

अज्ञात तिथि वाले पितरों का श्राद्ध सर्वपितृ अमावस्या पर करने से पितरों का स्मरण एवं तर्पण पूर्ण होता है। सनातन धर्म में पितृ पक्ष का विशेष धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व माना गया है। यह पक्ष अपने दिवंगत पूर्वजों के प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता, तर्पण एवं स्मरण का पावन अवसर है। मान्यता है कि पितृ पक्ष के […]

Continue Reading

पत्रकारिता से कॉन्क्लेव तक : मिशन, पेशा और इवेंट मैनेजमेंट की नई विधा

कभी पत्रकारिता को मिशन कहा जाता था। तब पत्रकारिता का उद्देश्य केवल समाचार देना नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करना, सत्ता से सवाल पूछना और जनहित की आवाज को मंच देना माना जाता था। पत्रकार अपने पेशे को लोकतंत्र के प्रहरी के रूप में देखता था। उसके सामने सबसे बड़ा प्रश्न यह होता था कि […]

Continue Reading

हिंदू सचमुच खतरे में है, पर खतरा बाहर नहीं, हमारे भीतर पल रही भीड़ है

– धर्मेन्द्र चौधरी (सामाजिक चिंतक) सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से फैल रहा है, जो कथित तौर पर बिहार के जमुई से जुड़ा बताया जा रहा है। रात के सन्नाटे में एक नाबालिग युवक-युवती सुनसान जगह पर खड़े थे, तभी कुछ लड़कों की भीड़ वहां पहुंचती है और दोनों को घेर लेती है। भीड़ […]

Continue Reading

सत्ता पर गहराता संकट: लंबी सत्ता, बढ़ता अहंकार और बदलता जनमत

समय और सत्ता—दोनों ही परिवर्तनशील हैं। इतिहास इस बात का गवाह रहा है कि कोई भी सत्ता हमेशा के लिए नहीं होती। लोकतंत्र में जनता ही अंतिम निर्णायक होती है और जब जनता का भरोसा कमजोर पड़ने लगता है तो मजबूत से मजबूत राजनीतिक व्यवस्था भी चुनौती के सामने खड़ी दिखाई देने लगती है। भारतीय […]

Continue Reading

कंप्यूटर ऑपरेटर से ‘पत्रकार’ बनने की होड़, अखबार और न्यूज पोर्टलों की भरमार; पत्रकारिता के मूल सरोकार पीछे समाचारों से ज्यादा दिखावे पर जोर, जिम्मेदार पत्रकारिता के सामने खड़ी हो रही नई चुनौती

आजकल हर शहर में अखबार और न्यूज पोर्टल की बढ़ती संख्या ने सूचना के प्रसार को भले ही आसान बनाया हो, लेकिन इसके साथ पत्रकारिता की गुणवत्ता और विश्वसनीयता को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े हो रहे हैं। तकनीक के दौर में कंप्यूटर, मोबाइल और इंटरनेट की उपलब्धता ने समाचार तैयार करना और प्रकाशित करना […]

Continue Reading

जयपुर में 18 सितंबर से NUJI का तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन, ​पत्रकार सुरक्षा कानून, फेक न्यूज और मीडिया की साख जैसे गंभीर मुद्दों पर होगा मंथन

जयपुर। नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स, इंडिया (NUJI) का तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन जयपुर में आयोजित होने जा रहा है। आगामी 18, 19 और 20 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाले इस पत्रकार महाकुंभ में देशभर से 1,000 से अधिक वरिष्ठ पत्रकार, संपादक और मीडियाकर्मी भाग लेंगे। अधिवेशन की मेजबानी एनयूजेआई की राज्य संबद्ध इकाई ‘जर्नलिस्ट्स […]

Continue Reading

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का CM योगी को संदेश: ‘जहां कमियां हैं, उन्हें बताना पड़ेगा’

MMMUT के निरीक्षण में छात्रावासों और परिसर की व्यवस्थाओं पर जताई नाराजगी, तीन महीने में सुधार के निर्देश गोरखपुर। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने गोरखपुर स्थित मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MMMUT) के 11वें दीक्षांत समारोह के दौरान विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर कड़ा रुख अपनाया। विश्वविद्यालय के निरीक्षण के दौरान सामने आई […]

Continue Reading

मुख्यधारा के मीडिया की गिरती विश्वसनीयता लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय

–जुगुल किशोर तिवारी बुन्देला  किसी भी लोकतंत्र में स्वतंत्र, निष्पक्ष और निर्भीक मीडिया को चौथा स्तंभ माना जाता है। यदि मीडिया की विश्वसनीयता और स्वतंत्रता पर प्रश्न उठने लगें, तो यह लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय बन जाता है। आज यह धारणा व्यापक रूप से व्यक्त की जाती है कि मुख्यधारा का मीडिया दो […]

Continue Reading