जीव-हत्या धर्म नहीं “जियो और जीने दो” ही सच्ची मानवता……….?

: धर्मेंद्र चौधरी (सामाजिक चिंतक) भारतवर्ष की सांस्कृतिक विविधता और धार्मिक परंपराएँ अपने भीतर गूढ़ विचार, नैतिक मूल्य और सामाजिक रीति-रिवाज लिए हुए हैं। बकरा ईद या ईद-उल-अजहा जैसे त्यौहार सामाजिक-सांस्कृतिक रूप से समुदायों के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। परंतु किसी भी परंपरा को अपनाने से पहले मानवता, करुणा और नैतिकता की कसौटी पर खरा […]

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वैवाहिक जिम्मेदारी और संजीदगी कहाँ खो गई क्या ऐसे ही चलेंगे वैवाहिक रिश्ते ………?

लेखक: धर्मेंद्र चौधरी (सामाजिक चिंतक) हाल ही में लक्सर के पास हुई एक घटना ने हमारी सामाजिक संवेदनाओं और वैवाहिक मूल्यों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रज्ञा सिंह नामक युवती, जो अभी-अभी विवाह कर चुकी थी और पति के साथ हनीमून व धार्मिक दर्शन कर वापस लौट रही थी, अचानक ट्रेन से गायब […]

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पत्रकारिता केवल कॉपी-पेस्ट का एक सस्ता और आसान कारोबार?

 -राजेन्द्र सिंह जादौन पत्रकारिता या कॉपी-पेस्ट का कारोबार? आज का दौर ऐसा बन चुका है कि हर गली, हर मोहल्ले और हर चौराहे पर एक “पत्रकार” मिल जाता है। हाथ में मोबाइल, जेब में इंटरनेट और सोशल मीडिया पर एक पेज बस, पत्रकारिता शुरू। लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह सच में पत्रकारिता […]

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भगवान परशुराम का सत्य,अहिंसा,क्षमा और परोपकार युक्त समाज निर्माण उनका लक्ष्य था: डॉ . श्रीप्रकाश मिश्र

भगवान परशुराम जयंती के उपलक्ष्य में मातृभूमि शिक्षा मंदिर द्वारा आयोजित द्विदिवसीय जयंती के शुभारंभ अवसर न्याय संवाद कार्यक्रम मातृभूमि सेवा मिशन के तत्वावधान में संपन्न। कुरुक्षेत्र। सृष्टि निर्माण में अवतारों के क्रम में परशुराम जी का अवतार छठे क्रम पर है। सभी अवतारों में परशुराम जी अकेला ऐसा अवतार है जो अक्षय है, अमर […]

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खरात स्कैंडल “ओश्नो जल” वियाग्रा का प्रसाद….. क्या धर्म के नाम पर कुछ भी चलेगा।……….?

-: धर्मेन्द्र चौधरी (सामाजिक चिंतक) “ओश्नो जल” वियाग्रा की कुचली हुई गोलीयों, कफ सिरप और साधारण पानी का वह जहरीला कॉकटेल, कैप्टन अशोक खरात (67 वर्षीय रिटायर्ड मर्चेंट नेवी अधिकारी, जिन्होंने खुद को 154 देशों की यात्रा का दावा किया) नें ‘आध्यात्मिक प्रसाद’ और ‘डिवाइन शर्बत’ का ढोंग रचकर नेताओं को शारीरिक-मानसिक गुलामी में जकड़ने […]

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अब कोई महत्व नहीं: नींबू पानी पीते हैं कि व्रत करते हैं कि चंदन कितना बड़ा लेपते हैं या कितने मंदिरों में जाते हैं

–रामेश्वर मिश्र पंकज मोदी जी या किसी भी बड़े राजनेता के बारे में इस तरह के प्रचार का अब कोई महत्व नहीं रह गया है कि वह नींबू पानी पीते हैं कि व्रत करते हैं कि चंदन कितना बड़ा लेपते हैं या कितने मंदिरों में जाते हैं। क्योंकि यह सब चीज तब महत्वपूर्ण है जब […]

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यूजीसी रेगुलेशन: सामाजिक संतुलन या विभाजन की नई रेखा?

-जुगुल किशोर तिवारी “बुंदेला” देश के शैक्षणिक संस्थान केवल ज्ञान के केंद्र नहीं होते, वे समाज के भविष्य की दिशा तय करने वाले मंच भी होते हैं। ऐसे में जब कोई नया यूजीसी रेगुलेशन लागू होता है, तो उसका प्रभाव केवल कॉलेज-कैंपस तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे सामाजिक ढांचे पर पड़ता है। आज जो […]

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यूएई में फँसे भारतीय नागरिकों की मदद के लिए 24×7 कंट्रोल रूम शुरू किया है, लखनऊ के महेश सिंह बने कन्वेनर

–दिनेश सिंह लखनऊ। मध्य-पूर्व में चल रही यात्रा समस्याओं के बीच Indian People’s Forum – UAE (IPF-UAE) ने यूएई में फँसे भारतीय नागरिकों की मदद के लिए 24×7 कंट्रोल रूम शुरू किया है। यह कंट्रोल रूम टिकट, खाना, रहने की व्यवस्था, ट्रांसपोर्ट, वीज़ा-पासपोर्ट से जुड़ी दिक्कतें, मेडिकल सहायता और भारतीय दूतावास के साथ समन्वय में […]

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प्रयागराज की पावन भूमि से राष्ट्रचेतना का निर्भीक उद्घोष

प्रयागराज की पवित्र धरती से पिछले दिनों जन सामान्य मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष, आईपीएस पंडित जुगल किशोर तिवारी जी ने* एक सभा को संबोधित करते हुए देश में जाति के नाम पर हो रहे विभाजन, सामाजिक विखंडन और राजनीतिक षड्यंत्रों पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने बिना किसी भय, दबाव या संकोच के अत्यंत स्पष्ट […]

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भारत की आजादी में हिंदी पत्रकारिता का महत्वपूर्ण योगदान-राज्यपाल

प्रेस क्लब ने किया हिंदी पत्रकारिता द्विशताब्दी समारोह का आयोजन जन सरोकारों से जुड़ा है प्रेस क्लब-धर्मेंद्र चौधरी हरिद्वार, 4 फरवरी। प्रेस क्लब द्वारा हिंदी पत्रकारिता द्वि शताब्दी समारोह में आजादी के बाद राष्ट्र पुनः निर्माण में हिंदी पत्रकारिता विषय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। देवपुरा चौक स्थित भारत सेवाश्रम के सभागार में आयोजित संगोष्ठी […]

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