हरिद्वार। अब किसी को निमंत्रण कार्ड भी देना मंहगा पड़ सकता है हरिद्वार में एक अजीब मामला सामने आया है एक युवक को उसका मित्र शादी का निमंत्रण देने के बाद अपनी बारात में नहीं ले गया तो उसने अपने अधिवक्ता के माध्यम से पचास लाख की मानहानि का कानूनी नोटिस दिया है। अधिवक्ता अरूण भदौरिया ने बताया कि चंद्रशेखर मेरे पास गुरूवार की शाम मेरे ऑफिस में आया जो कि मानसिक रूप से परेशान था और सुसाइड करने की भी बात कर रहा था। तो मैंने इसको बहुत समझाया और इससे कहा कि उसको लीगल नोटिस भेजा जाएगा तुम चिंता मत करो तब मुश्किल से माना।

भदौरिया के अनुसार एक शादी रवि पुत्र वीरेंद्र निवासी आराध्या कॉलोनी बहादराबाद की अंजू पुत्री रामकृपाल निवासी धामपुर जिला बिजनौर के साथ 23 6 2022 में होनी तय हुई थी जिसमें चंद्रशेखर पुत्र स्वर्गीय मुसद्दीलाल जो देवनगर कनखल के रहने वाले हैं। रवि और चंद्रशेखर जो कि एक बहुत गहरे दोस्त हैं रवि ने अपने दोस्त चंद्रशेखर को एक लिस्ट बनाकर दी कि वह शादी के कार्ड उन लोगों को बटेगा ताकि वह लोग रवि की शादी में 23 जून 2022 की शाम लगभग 5रू00 बजे धामपुर जिला बिजनौर के लिए रवाना होंगे रवि के कहने पर चंद्रशेखर ने मोना, काका ,सोनू, कन्हैया, छोटू ,आकाश इन सभी लोगों को कार्ड बांटे और यह आग्रह किया कि आप लोग 23 जून 2022 की शाम 5.00 बजे शादी के लिए अपनी सुविधा अनुसार वाहन में चलने के लिए तैयार रहना है और चलना है यह सभी लोग चंद्रशेखर के साथ शाम को 4.50 पर पहुंच गए और वहां जाकर जानकारी हुई कि बरात जो है वह जा चुकी है।

जिस पर चंद्रशेखर ने रवि से जानकारी ली तो रवि ने बताया कि हम लोग जा चुके हैं और आप लोग वापस चले जाओ जिस पर चंद्रशेखर के कहने पर जो लोग शादी में जाने के लिए आए हुए थे उन सभी लोगों को दुख पहुंचा और उन सभी ने चंद्रशेखर को अत्यधिक मानसिक प्रताड़ना पहुंचाई और चंद्रशेखर की छवि को खराब किया और भविष्य के लिए मतलब आस्था खत्म करने के लिए चेतावनी दी जिसके लिए जानबूझकर रवि द्वारा चंद्रशेखर की मानहानि की इस संबंध में चंद्रशेखर ने रवि को फोन पर भी मानहानि के संबंध में सूचना दी लेकिन उसने ना तो कोई खेद प्रकट किया ना ही कोई शमा याचना की जिस पर चंद्रशेखर ने अपने एडवोकेट अरुण भदोरिया के माध्यम से एक कानूनी नोटिस रवि को भिजवाया है। कि 3 दिन के अंदर अंदर मानहानि की बाबत सार्वजनिक रूप से क्षमा याचना करें और की गई मानहानि की बाबत चंद्रशेखर को ₹5000000 दिया जाना सुनिश्चित करें यदि अनुपालन नहीं किया गया तो सक्षम न्यायालय में सक्षम वाद दायर किया जाएगा।