लालकुआं। लालकुआं तराई केन्द्रीय वन प्रभाग कि टाड़ा रेंज के क्षेत्र अन्तर्गत सापपठानी खत्ता में खत्तावासियों से अवैध वसूली करने का मामला सामने आया है। पीड़ित खत्तावासियों की ओर से वन क्षेत्राधिकारी को एक पत्र भेजा गया है जिसमें उक्त वन वीट अधिकारी के खिलाफ जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की गई है। वहीं पत्र भेजने के बारे में वन क्षेत्राधिकारी को जानकारी ही नहीं है इतना ही नहीं, भ्रष्टाचार के आरोपित वन वीट अधिकारी पर विभागीय कार्रवाई भी नहीं की गई है इसको लेकर सवाल उठने लगे हैं।

बताते चलें कि तराई केन्द्रीय वन प्रभाग कि टाड़ा रेंज में तैनात वन वीट अधिकारी लक्ष्मी कार्की पर सापपठानी खत्तावासियों ने चराई के नाम पर प्रताड़ित करने तथा उनसे अवैध वसूली का आरोप लगाया है। इस बावत उन्होंने बुधवार को वन क्षेत्राधिकारी प्रदीप असगोला को लिखित शिकायती पत्र भेजकर जांच कर कार्रवाई का आग्रह किया है। यहां देवेंद्र दत्त, जगत सिंह, प्रेम बहादुर, सुरेश कुशवाहा, कमला देवी, पुष्पा देवी, कुन्दन सिंह, गोपाल सिंह, मकरन्द सिंह, श्याम लाल, लालाराम, राधे लाल, गंगा राम, नत्थू लाल समेत करीब दो दर्जन से अधिक लोगों के हस्तारक्षयुक्त भेजे गए शिकयती पत्र में कहा गया है कि वह बीते पिछले लम्बे समय से सापपठानी खत्ते में रहते आ रहे हैं जिसके चलते उनके मवेशी जंगल में चराई करते हैं जिसका वे हर साल 11 सौ रुपये शुल्क वन विभाग को देते आ रहे हैं जिसकी वन विभाग द्वारा उन्हें रशीद भी दी जाती है लेकिन कुछ बर्षो से वन विभाग के कर्मचारी 2 हजार से लेकर 23 सौ रुपये तक उनसे वसूल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इस वर्ष वन वीट अधिकारी लक्ष्मी कार्की ने चराई के नाम पर बार-बार उन्हें खत्ते से हटाने की धमकी देकर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर दिया तथा जिस पर उनसे वन वीट अधिकारी द्वारा 25 सौ रुपये अगस्त माह में वसूल लिए गए। उन्होंने कहा वन वीट अधिकारी द्वारा रेंज के बड़े अधिकारियों ने नाम पर पैसे वसूल किये। उन्होंने वन वीट अधिकारी पर अवैध वसूली का भी आरोप लगाते हुए जांच कर आरोपी वन कर्मियों को तत्काल हटाने की मांग की है। इधर अवैध के मामले में कोई भी अधिकारी बोलने को तैयार नहीं है। फिलहाल यहां मामला शहर में चर्चा का बिषय बना हुआ है।