क्रांति की धरा कानपुर से आरक्षण सुधार आंदोलन का सूत्रपात, आंदोलन को चरणबद्ध रूप से विस्तार देने की रणनीति पर मंथन

यूथ राज्य

प्रदीप मिश्रा

कानपुर। क्रांति की धरा कानपुर से आरक्षण व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर एक नए सामाजिक आंदोलन का सूत्रपात हुआ। मंगलवार को केशवपुरम स्थित होटल आर.के. ग्रैंड में कानपुर क्षेत्र के सैकड़ों युवा, बुद्धिजीवी एवं सामाजिक कार्यकर्ता एकत्र हुए और “आरक्षण सुधार आंदोलन” को चरणबद्ध एवं लोकतांत्रिक तरीके से आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम का नेतृत्व कानपुर क्षेत्र के *वरिष्ठ नेता अरविंद राज त्रिपाठी* ने किया। बैठक में आरक्षण व्यवस्था के वर्तमान स्वरूप, उसके सामाजिक प्रभाव तथा उच्च शिक्षा से जुड़े UGC के नए प्रावधानों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। उपस्थित लोगों ने कहा कि सामाजिक न्याय के उद्देश्य से बनी व्यवस्थाओं की समय-समय पर समीक्षा आवश्यक है, ताकि किसी भी वर्ग के साथ अन्याय न हो और शिक्षा एवं रोजगार के अवसरों में समानता तथा योग्यता का संतुलन कायम रहे।

बैठक में वक्ताओं ने आरक्षण व्यवस्था में सुधार के लिए विभिन्न सुझाव प्रस्तुत किए। विशेष रूप से उच्च शिक्षा में लागू होने वाले नए प्रावधानों पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्हें वापस लेने अथवा व्यापक स्तर पर पुनर्विचार किए जाने की मांग उठाई गई। वक्ताओं का कहना था कि नीतियों का निर्माण सामाजिक समरसता, समान अवसर और सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखकर होना चाहिए।

आंदोलन को चरणबद्ध रूप से विस्तार देने की रणनीति पर मंथन

बैठक में आरक्षण सुधार आंदोलन को केवल एक स्थान तक सीमित न रखते हुए इसे व्यापक जनसंवाद का स्वरूप देने पर भी विचार-विमर्श हुआ। इसके लिए युवाओं और बुद्धिजीवियों को जोड़ने, विभिन्न सामाजिक संगठनों के साथ संवाद स्थापित करने तथा आरक्षण व्यवस्था से जुड़े विषयों पर तथ्यात्मक एवं संवैधानिक विमर्श को आगे बढ़ाने की रणनीति पर चर्चा की गई।

आयोजकों के अनुसार आंदोलन का उद्देश्य किसी वर्ग विशेष के प्रति विरोध खड़ा करना नहीं, बल्कि आरक्षण व्यवस्था में आवश्यक सुधारों को लेकर शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से जनमत तैयार करना है। बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि आंदोलन के दौरान संविधान, कानून और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पूर्ण पालन किया जाएगा।

कानपुर से देशव्यापी विमर्श की तैयारी

कार्यक्रम में मौजूद युवाओं ने कहा कि कानपुर ऐतिहासिक रूप से सामाजिक और राजनीतिक आंदोलनों की महत्वपूर्ण भूमि रहा है। ऐसे में आरक्षण व्यवस्था में सुधार को लेकर शुरू किए गए इस अभियान को व्यापक स्तर पर ले जाने की आवश्यकता है। उपस्थित लोगों ने एक स्वर में आंदोलन को संगठित, अनुशासित और चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

बैठक के अंत में आरक्षण व्यवस्था में सुधार एवं UGC के नए प्रावधानों को वापस लेने की मांग को लेकर आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने पर सहमति बनी। आयोजकों ने कहा कि आने वाले दिनों में जनसंपर्क, संवाद और विभिन्न स्तरों पर कार्यक्रम आयोजित कर आंदोलन को गति दी जाएगी।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा, बुद्धिजीवी एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोग मौजूद रहे। आयोजकों ने इसे आरक्षण सुधार आंदोलन की औपचारिक शुरुआत बताते हुए कहा कि कानपुर से उठी यह आवाज अब व्यापक सामाजिक विमर्श का हिस्सा बनेग
इस अवसर पर वक्ताओं में आदित्य सिंह, पूर्व महामंत्री, कानपुर बार एसोसिएशन, दिनेश राय, पूर्व जिलाध्यक्ष, भाजपा, डॉ विवेक द्विवेदी, प्रधानाचार्य, ब्रह्मानंद कॉलेज, धीरेन्द्र त्रिपाठी धीरू, पार्षद, गीता नगर, मणिकांत तिवारी, कुक्कू चंदेल, नीरज पंडित, आयुष तिवारी, आशुतोष दीक्षित, सोनू पाण्डेय, राघवेंद्र मिश्रा, पूर्व पार्षद, भूपत तिवारी, आशीष त्रिपाठी, वैभव मिश्रा, ,,,हरि त्रिपाठी, ,,,प्रदीप मिश्रा,, शुभम त्रिपाठी,,ठाकुर शशांक सिंह, प्रिंस राज श्रीवास्तव, आलोक मिश्रा, योगेंद्र अग्निहोत्री, प्रशांत अग्निहोत्री, नितिन त्रिपाठी,श्यामू दीक्षित, सूरज पाण्डेय, दीपक मिश्रा, आशीष त्रिपाठी, देवेश श्रीवास्तव, नरेश द्विवेदी, अमित मिश्रा, नवनीत पाण्डेय, परशु शुक्ला, ईं रवि शंकर दीक्षित, ईं ऋतुराज सिंह समेत सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।

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