हरिद्वार। उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलन की धुरी रहे मुफ्फरनगर कांड की 28वीं बरसी पर 2 अक्टूबर को देश के नामचीन साईकिलिस्ट देहरादून से मुुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा स्थित शहीद स्मारक तक 125 कि0मी0 की शहीद साइकिल सम्मान यात्रा निकाल कर राज्य आन्दोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि देंगें।
हस्तक्षेप के संयोजक केशर सिंह बिष्ट के नेतृत्व में देहरादून कचहरी स्थित शहीद स्मारक से प्रातः 5.30 बजे आरंभ होकर शहीद सम्मान यात्रा प्रातः 8.00 बजे हरिद्वार और 9.30 बजे रूड़की पहुंचेगी। जहां पर उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलनकारियों के संगठन, और विभिन्न संस्थाएं शहीद सम्मान यात्रा का अभिन्नदन कर उनके साथ शामिल होकर रामपुर तिराहा जायेंगे और शहीदों को नमन करेंगे। इस यात्रा के पीछे जहां प्रवासियों को निवासियों के साथ जोड़ने की सोच है वहीं मुजफ्फरनगर कांड के मामले की शीघ्र सुनवाई करवाना भी शामिल है। हरिद्वार से राज्य आन्दोलनकारी और पहाड़ी महासभा के सदस्य प्रेमनगर आश्रम चौक व सिंह द्वार से बड़ी संख्या में इस यात्रा का हिस्सा बनेंगे। वहीं रूड़की में भी मिलेट्री तिराहे से राज्य आन्दोलनकारी इस यात्रा में शामिल होंगें।


देहरादून से आरंभ हो रही शहीद सम्मान यात्रा में प्रमुख राज्य आन्देालनकारी नेत्री सुशीला बलूनी और कइ्र वरिष्ठ आन्दोलनकार साईकित यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। रैली में विशव धीमान और कमलजीत धीमान का दुनिया वह बहुचर्चित जोड़ा भी शमिल हो रहा है जो 610 किलोमीटर मनाली-खाडुंग ला, 350 कि0मी0 कुल्लु-जलोरी पास सहित देहरादून से केदारनाथ, गंगोत्री सहित देश के लगभग हर राज्य की लंबी सड़कों को नाम चुका है। उम्र के बड़े पड़ाव पर भी उनका जुजून गजब का है। कई किलोमीटर की दुनियों को नजदीकियों में समेटने वाले पवन शर्मा भी इस शहीद सम्मान यात्रा की अग्रणी पंक्ति में रहेंगे। जबकि कभी गहरी घाटियों में उतर कर और कभी जंगलों के बीच ने निकलकर पहाड़ नापने वाले गजब के जुनूनी और यायावर साइकिलिस्ट सुधीर बडोनी अर्जुन राठौर, प्रभजोत सिंह तथा आशुतोष भट्ट जैसे नामी साइकिल्स्टि इस अभियान का हिस्सा बन रहे हैं।
शहीद सम्मान यात्रा के साथ विभिन्न संस्थाओं से जुड़े लोग भी अपने दोपहिया और चौपहिया वाहनों से सवार होकर शहीद सम्मान यात्रा में शामिल होकर एक साथ रामपुर तिराहा पहुंचेगे। शहीद सम्मान यात्रा में सहभागिता के यात्रा संयोजन केशर सिंह बिष्ट ने हरिद्वार और रूड़की राज्य आन्दोलनकारियों से संवाद कर भागीदारी का आग्रह किया है।