शांतिकुंज से तीन ज्योति कलश रथ शताब्दी समारोह का संदेश लेकर रवाना, श्रद्धेया शैलदीदी ने पूजन कर की विदा, 50 से अधिक जिलों में होगा जनजागरण

उत्तराखंड हरिद्वार

हरिद्वार 11 अक्टूबर। गायत्री परिवार की संस्थापिका माता भगवती देवी शर्मा की जन्मशताब्दी के विराट समारोह की तैयारियां अब जनजागरण अभियान तेज हो गया। इसी क्रम में रविवार को शांतिकुंज से तीन ज्योति कलश रथों को रवाना किया गया। शांतिकुंज की अधिष्ठात्री श्रद्धेया शैलदीदी ने शंख निनाद एवं वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच पूजन कर रथों को विदा किया। ये ज्योति कलश रथ दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के 50 से अधिक जिलों में भ्रमण कर गांव-गांव और नगर-नगर जन्मशताब्दी समारोह का आमंत्रण पहुंचाएंगे।
रथ अभियान के दौरान दिन में गांवों और शहरों में जनसंपर्क कर लोगों को जन्मशताब्दी महोत्सव के उद्देश्यों, कार्यक्रमों और निर्धारित तिथियों की जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही माता भगवती देवी शर्मा के नारी जागरण, संस्कारवान परिवार, सामाजिक समरसता और समाज निर्माण के विचारों को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। सायंकाल संगोष्ठियों और दीपमहायज्ञों का आयोजन होगा। इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य एवं माताजी के विचारों से जोड़ने तथा रचनात्मक सामाजिक गतिविधियों में सहभागी बनने के लिए प्रेरित किया जाएगा। निर्धारित भ्रमण के बाद ये रथ 28-29 अक्टूबर तक नई दिल्ली पहुंचेंगे।
रथों की रवानगी के अवसर पर शांतिकुंज के अंतेवासी कार्यकर्ता भाई-बहनों के साथ विभिन्न प्रशिक्षण शिविरों में आए बड़ी संख्या में गायत्री परिजन भी शामिल रहे। परिजनों ने दोपहिया वाहनों और बसों के माध्यम से जनजागरण रैली में सहभागिता की। इस दौरान गायत्री परिजनों में शताब्दी समारोह के संदेश को व्यापक जनसमुदाय तक पहुंचाने का उमंग दिखाई दिया।
इस अवसर पर शांतिकुंज की अधिष्ठात्री श्रद्धेया शैलदीदी ने कहा कि माताजी की जन्मशताब्दी उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने और समाज में सकारात्मक परिवर्तन के संकल्प को मजबूत करने का अवसर है। जनजागरण अभियान की सार्थकता तभी है, जब लोग इन विचारों को अपने जीवन और व्यवहार में अपनाएं।
शताब्दी समारोह के दलनायक एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय के उपाध्यक्ष डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि यह अभियान जन्मशताब्दी समारोह को जन-जन का आयोजन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने बताया कि नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इनडोर स्टेडियम में 31 अक्टूबर से 2 नवंबर तक तीन दिवसीय विराट शताब्दी समारोह आयोजित होगा। इसके लिए पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में व्यापक जनजागरण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आज प्रस्थान हुए ज्योति कलश रथ- युगऋषि की कर्मभूमि हरिद्वार, जन्मभूमि आंवलखेडा, (आगरा) तथा तीसरा उनकी तपोभूमि मथुरा क्षेत्र जनजागरण करेगा।

देव संस्कृति विवि में जन्मशताब्दी समारोह का भूमिपूजन, 21 नवंबर से होंगे आयोजन


हरिद्वार 11 अक्टूबर। माता भगवती देवी शर्मा की जन्मशताब्दी को नारी जागरण, युवा चेतना और युग निर्माण के संदेश से जोड़ने के लिए देव संस्कृति विश्वविद्यालय में 21 व 22 नवंबर को विशेष कार्यक्रम आयोजित होंगे। इनकी तैयारियों के क्रम में रविवार को समारोह स्थल पर भूमिपूजन किया गया। दो दिवसीय आयोजन के माध्यम से माताजी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने और सामाजिक समरसता एवं संस्कारवान समाज के निर्माण का संदेश दिया जाएगा।

गायत्री विद्यापीठ में स्काउट-गाइड शिविर प्रारंभ,
चार दिवसीय शिविर में 130 विद्यार्थी सीखेंगे प्राथमिक चिकित्सा, नक्शा पढ़ने व जीवन जीने की कला

हरिद्वार 11 अक्टूबर।
विद्यार्थियों को अनुशासन, आत्मनिर्भरता और सेवा के संस्कारों से जोड़ने के उद्देश्य से गायत्री विद्यापीठ, शांतिकुंज में चार दिवसीय स्काउट-गाइड शिविर का शुभारंभ हुआ। गायत्री विद्यापीठ की प्रबंधिका श्रीमती शेफाली पण्ड्या ने दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन किया। शिविर में 130 स्काउट-गाइड प्रतिभाग कर रहे हैं, जिन्हें विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से व्यावहारिक जीवन कौशल का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इस अवसर पर गायत्री विद्यापीठ की प्रबंधिका श्रीमती शैफाली पण्ड्या ने कहा कि स्काउट-गाइड ये जीवन को सही दिशा देने वाली शिक्षा का नाम हैं। विद्यार्थियों को स्वयं के प्रति, ईश्वर के प्रति और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझना तथा उनका पालन करना सिखाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सेवा, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और सहयोग की भावना को जीवन में उतारकर विद्यार्थी एक जिम्मेदार नागरिक बन सकते हैं।
शिविर के दौरान स्काउट-गाइड के नियमों और प्रतिज्ञा से परिचित कराने के साथ गांठें बांधने, बंधन बनाने, प्राथमिक चिकित्सा, कम्पास के उपयोग, अनुमान लगाने और नक्शा पढ़ने का अभ्यास कराया जाएगा। कैम्प फायर जैसी गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों में सामूहिकता, रचनात्मकता और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का प्रयास किया जाएगा। शिविर में विद्यार्थियों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय सोपान का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस अवसर पर प्रधानाचार्य श्री सीताराम सिन्हा, जिला संगठन आयुक्त श्री मंगल सिंह गढ़वाल, श्री नरेंद्र सिंह, श्री विनय आदि उपस्थित रहे।

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