देवभूमि में विकास के नए आयाम: सीएम धामी से मिले छत्तीसगढ़ के पत्रकार; EPFO ने ‘संवेदना’ सेल और आंशिक निकासी के नए नियमों को सराहा

उत्तराखंड

Dehradun News | कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO), क्षेत्रीय कार्यालय, देहरादून में आज अपर केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त, दिल्ली एवं उत्तराखण्ड, जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख श्री अजय के. मेहरा ने प्रेस वार्ता की। इस दौरान उन्होंने उत्तराखण्ड क्षेत्र की प्रगति, उपलब्धियों तथा EPFO द्वारा हाल में की गई विभिन्न सुधारात्मक एवं डिजिटल पहलों की जानकारी साझा की।

उन्होंने बताया कि उत्तराखण्ड में वर्तमान में लगभग 9,744 अंशदायी प्रतिष्ठान तथा 7,74,377 अंशदायी सदस्य EPFO से जुड़े हुए हैं। राज्य में सभी दावों का निपटान निर्धारित समय-सीमा के भीतर किया जा रहा है। उन्होंने क्षेत्रीय कार्यालय, देहरादून की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि कार्यालय हितधारकों को उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान कर रहा है।

उन्होंने विशेष रूप से “संवेदना” सेल की प्रशंसा करते हुए बताया कि यह क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा स्थापित एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य कर्मचारी भविष्य निधि (EPF), कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) तथा कर्मचारी जमा लिंक्ड बीमा योजना (EDLI) के अंतर्गत प्राप्त मृत्यु दावों का त्वरित, संवेदनशील एवं त्रुटिरहित निस्तारण सुनिश्चित करना है। यह मॉडल पूरे जोन में लागू किया जाएगा ताकि लाभार्थियों को समयबद्ध एवं पारदर्शी सेवाएं मिल सकें।

उन्होंने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PMVBRY) की जानकारी देते हुए कहा कि यह भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी रोजगारोन्मुखी योजना है, जिसका उद्देश्य रोजगार सृजन को बढ़ावा देना, युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाना तथा औपचारिक क्षेत्र में सामाजिक सुरक्षा का विस्तार करना है। यह योजना 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 तक सृजित रोजगारों पर लागू होगी तथा विनिर्माण क्षेत्र के लिए इसमें अतिरिक्त प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने EPF आंशिक निकासी संबंधी प्रावधानों के सरलीकरण एवं उदारीकरण की जानकारी देते हुए बताया कि EPFO ने सदस्यों के ‘Ease of Living’ को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 13 जटिल प्रावधानों को समाहित कर एक सरल एवं सुव्यवस्थित नियम लागू किया है। नए प्रावधानों के अंतर्गत आंशिक निकासी को आवश्यक आवश्यकताओं, आवास संबंधी आवश्यकताओं तथा विशेष परिस्थितियों की तीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है।

उन्होंने बताया कि शिक्षा हेतु 10 बार तथा विवाह हेतु 5 बार आंशिक निकासी की अनुमति दी गई है, जबकि पहले दोनों उद्देश्यों के लिए कुल तीन बार ही निकासी की अनुमति थी। साथ ही सभी प्रकार की आंशिक निकासी के लिए न्यूनतम सेवा अवधि घटाकर 12 माह कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि सदस्यों के अंशदान का 25% न्यूनतम शेष राशि के रूप में बनाए रखने का प्रावधान भी किया गया है, जिससे सदस्य उच्च ब्याज दर का लाभ लेते हुए सुदृढ़ सेवानिवृत्ति कोष का निर्माण कर सकेंगे।

अपर आयुक्त ने EPFO के डिजिटल ईको-सिस्टम को सुदृढ़ बनाने के लिए विकसित CITES (Centralised IT Enabled System) की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली प्रक्रियाओं के सरलीकरण एवं स्वचालन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जिससे दावों के निपटान में तेजी आएगी तथा सेवाएं अधिक पारदर्शी, कुशल एवं तकनीक आधारित बनेंगी। प्रेस वार्ता में क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-I श्री वी.वी.बी. सिंह, क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-II श्री उदित साह, क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-II श्री मोहम्मद जैद, सहायक भविष्य निधि आयुक्त श्री संतोष कुमार तथा सहायक भविष्य निधि आयुक्त श्री राजेश कुमार भी उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *