संस्कृतनिष्ठ भारतीय संस्कृति दैवीय सृष्टि है इसके विपरीत पाश्चात्य संस्कृति शैतानी चालचलन के समान है: भरद्वाज
Haridwar। स्व. डॉ. वाचस्पति मैठाणी स्मृति मंच द्वारा आयोजित शिक्षाविद् स्व. डॉ. वाचस्पति मैठाणी जी की 75वीं जन्मजयन्ती पर हरिद्वार के अनेक विद्वानों एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने शोधपत्रवाचन के साथ दीं शुभकामनाएँ और बधाईयाँ उत्तराखण्ड राज्य की द्वितीय राजभाषा देववाणी संस्कृत है। संस्कृत के उत्थान हेतु अथक प्रयास करने वाले प्रथम संस्कृतशिक्षानिदेशक स्वर्गीय […]
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