जिनेवा में गूंजा भारतीय अध्यात्म का संदेश, डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने मानव-केंद्रित एआई की वकालत की

उत्तराखंड हरिद्वार

आईपीयू महासचिव से मुलाकात, नैतिक नेतृत्व, भारतीय ज्ञान परंपरा और वैश्विक सहयोग पर हुई चर्चा

शांतिकुंज मीडिया विभाग द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार डॉ. पण्ड्या ने अखिल विश्व गायत्री परिवार के वैश्विक उद्देश्यों, फेथ एंड एआई, मूल्य-आधारित नेतृत्व, अंतरधार्मिक सहयोग तथा मानव-केंद्रित कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे विषयों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता का विकास मानवीय मूल्यों, नैतिकता और वैश्विक कल्याण के अनुरूप होना चाहिए। तकनीकी प्रगति के साथ आध्यात्मिक दृष्टिकोण और नैतिक नेतृत्व को भी समान महत्व दिया जाना आवश्यक है।

विदेश प्रवास के दौरान डॉ. पण्ड्या ने आईपीयू के कंसल्टेशन ग्रुप की बैठक में भी भाग लिया। बैठक में विभिन्न देशों के नीति-निर्माताओं, कूटनीतिज्ञों, शिक्षाविदों, तकनीकी विशेषज्ञों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, लोकतांत्रिक मूल्यों तथा वैश्विक सहयोग जैसे विषयों पर विचार साझा किए।

डॉ. पण्ड्या ने इस अवसर पर भारतीय ज्ञान परंपरा, ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना तथा मानव कल्याण पर आधारित भारतीय दृष्टिकोण को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि विज्ञान और तकनीक का उद्देश्य मानवता की सेवा और विश्व कल्याण होना चाहिए।

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