*वसंत पंचमी के दिन माता सरस्वती की राशि के अनुसार करें पूजा, होगा लाभ :- महंत रोहित शास्त्री ज्योतिषाचार्य*
वसंत पंचमी को श्रीपंचमी और सरस्वती पंचमी के नाम से भी जाना जाता है। वसंत पंचमी के विषय में श्रीकैलख ज्योतिष एवं वैदिक संस्थान ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत रोहित शास्त्री ज्योतिषाचार्य ने बताया कि इस दिन को देवी सरस्वती के जन्मोत्सव के रूप में भी मनाया जाता है। इस वर्ष 23 जनवरी सन् 2026 ई., शुक्रवार को वसंत पंचमी का पर्व है। ऋग्वेद में माता सरस्वती का वर्णन करते हुए कहा गया है—
प्रणो देवी सरस्वती वाजेभिर्वजिनीवती धीनामणित्रयवतु।
अर्थात— माँ, आप परम चेतना हो। देवी सरस्वती के रूप में आप हमारी बुद्धि, प्रज्ञा तथा मनोवृत्तियों की संरक्षिका हो। हममें जो आचार और मेधा है, उसका आधार माँ आप ही हो। इनकी समृद्धि और स्वरूप का वैभव अद्भुत है। वसंत पंचमी के दिन माता सरस्वती की अपनी राशि के अनुसार पूजा की जाए तो माता की असीम कृपा प्राप्त होती है और मनचाहा वरदान प्राप्त होता है।
*राशि के अनुसार आपके लिए कौन-सा दान और मंत्र फलदायी सिद्ध होगा, यहाँ जानें—*
(1) मेष राशि – शिव पूजन करें। लाल पुष्पों से माता सरस्वती का पूजन करें, विशेषतः गुड़हल, लाल कनेर, लाल गेंदे आदि से आराधना करें। विद्या व बुद्धि के लिए “ऐं” मंत्र का जाप करें। गुड़, मूंगफली, तिल, तांबे की वस्तु और दही का दान करना चाहिए।
(2) वृषभ राशि – श्वेत पुष्प एवं इमली के पत्ते 22 नग लेकर 11 पत्ते माता सरस्वती के यंत्र या चित्र पर चढ़ाएँ। 11 पत्ते सफेद वस्त्र में लपेटकर अपने पास रखें, सफलता मिलेगी। “आं लृ” मंत्र का जाप करें। सफेद कपड़े, चाँदी और तिल का दान उपयुक्त रहेगा।
(3) मिथुन राशि – कमल पुष्पों से आराधना करें। “ऐं रूं स्वों” मंत्र का जाप करें। मूंग दाल, चावल, पीला वस्त्र, केला, गुड़ और कंबल का दान करें।
(4) कर्क राशि – श्वेत कमल या अन्य श्वेत पुष्प से माता सरस्वती के यंत्र या चित्र पर “ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः” मंत्र के साथ पुष्प अर्पित करें। देसी घी, चावल, सफेद ऊन, तिल और सफेद वस्त्र का दान करें।
(5) सिंह राशि – जवाकुसुम (लाल गुड़हल) से आराधना करें। “ॐ ऐं ह्रीं सरस्वत्यै नमः” मंत्र का जाप करें। तांबा, गुड़, गेहूँ, गौमाता का घी, केसर, सोना और मोती का दान करें।
(6) कन्या राशि – शिवमहापुराण या धार्मिक ग्रंथ दान करें। “ॐ वद वद वाग्वादिन्यै स्वाहा” मंत्र का जाप करें। चावल, हरी मूंग या हरे वस्त्र का दान करें।
(7) तुला राशि – श्वेत पुष्प, पुस्तक या ग्रंथ एवं सफेद वस्त्र कन्या को पूजन कर दान करें और श्वेत मिठाई खिलाएँ। “ह्रीं ॐ ह्रसौं ॐ सरस्वत्यै नमः” मंत्र का जाप करें। खीर, चावल, आटा, देसी घी, सफेद वस्त्र, हीरा, चीनी, कंबल, गुड़ एवं सात प्रकार के अनाज का दान करें।
(8) वृश्चिक राशि – लाल पुष्प, विशेषतः गुड़हल, लाल कनेर और लाल गेंदे से आराधना करें। “ॐ ह्रीं ऐं ह्रीं ॐ सरस्वत्यै नमः” मंत्र का जाप करें। सेव, मूंगा, लाल वस्त्र, दही और तिल का दान करें।
(9) धनु राशि – पीले पुष्पों से माता सरस्वती का पूजन करें और श्वेत चंदन अर्पित करें। “ऐं वाचस्पते अमृते प्लुवः प्लुः” मंत्र का जाप करें। पीले वस्त्र एवं पीले मीठे चावल का दान करें।
(10) मकर राशि – नीले पुष्पों से माता सरस्वती की आराधना करें। सूर्योदय से पहले ब्राह्मी नामक औषधि का सेवन कर “ऐं वाचस्पते अमृते प्लवः प्लवः” मंत्र का जाप करें। गुड़, चावल, कंबल और तिल का दान करें।
(11) कुंभ राशि – नीले पुष्पों से माता सरस्वती का पूजन करें। कन्याओं को खीर खिलाएँ और “ॐ ह्रीं हस्त्रैं ह्रीं ॐ सरस्वत्यै नमः” मंत्र का जाप करें। काला वस्त्र, काली उड़द, खिचड़ी, कंबल, घी और तिल का दान करें।
(12) मीन राशि – पीले वस्त्र एवं पुष्प माता सरस्वती को अर्पित करें। “ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः” मंत्र का जाप करें। पीला वस्त्र, पीला हलवा, रेशमी कपड़ा, चने की दाल, चावल और तिल का दान करें।
जिन व्यक्तियों को अपनी राशि के विषय में शंका या भ्रम हो, वे स्फटिक माला से यथाशक्ति “ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः” मंत्र का जप
करें और कन्याओं को दूध से बनी मिठाई खिलाएँ।
स्वास्थ्य के लिए – “ॐ जूं सः” का जप करें।
धन के लिए – “ॐ श्रीं नमः” या “ॐ क्लीं नमः” का जप करें।
महंत रोहित शास्त्री (ज्योतिषाचार्य)
प्रधान — श्री कैलख ज्योतिष एवं वैदिक संस्थान ट्रस्ट (पंजीकृत)
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