यदि पूर्वजों का तर्पण और पिण्डदान नहीं किया गया तो सात पीढ़ियों तक पितृदोष का दंश सहन करना पड़ता है
पूर्वजों से ही हमारा आज का परिवार और अस्तित्व है। इन पूर्वजों मंे जो स्वर्ग सिधार गये, उनका आशीर्वाद पाने के लिए आश्विन महीने के कृष्ण पक्ष मंे 15 दिन पितृपक्ष अर्थात् श्राद्ध पर्व मनाया जाता है। इन दिनों भगवान स्वर्ग के द्वार खोल देते हैं और हमारे पूर्वज पृथ्वी पर अपने परिजनों से मिलने […]
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