कांवड़ यात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब, व्यवस्थाओं से श्रद्धालु खुश हरिद्वार में बढ़ती भीड़ के बीच प्रशासन की व्यवस्थाओं की सराहना, पार्किंग, पेयजल, सफाई और स्वास्थ्य सुविधाओं को बताया बेहतर

उत्तराखंड धर्म हरिद्वार

हरिद्वार, 08 अगस्त 2026। विश्व की सबसे बड़ी निरंतर चलने वाली कांवड़ यात्रा अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। यात्रा के अंतिम दिनों में धर्मनगरी हरिद्वार में शिवभक्तों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। देशभर से श्रद्धालु गंगाजल लेने हरिद्वार पहुंच रहे हैं।
कांवड़ यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और सुचारु यात्रा के लिए उत्तराखंड सरकार तथा जिला प्रशासन की ओर से व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। यात्रा मार्गों पर सुरक्षा, साफ-सफाई, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाओं और पार्किंग की व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है।
हरियाणा से आए शिवभक्त राजेश ने बताया कि वे डाक कांवड़ के लिए हरिद्वार पहुंचे हैं। उन्होंने बैरागी कैंप की पार्किंग व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि यहां करीब 5 से 6 हजार वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की गई है। पार्किंग में पर्याप्त रोशनी, भोजन, पेयजल और शौचालय की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने बेहतर व्यवस्थाओं के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
राजस्थान से डाक कांवड़ लेने पहुंचे इन्द्रेश कुमार बंसल ने कहा कि इस बार उत्तराखंड में कांवड़ यात्रियों के लिए व्यवस्थाएं काफी बेहतर हैं। उन्होंने पार्किंग में जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की ओर से की गई व्यवस्थाओं की सराहना की।
पंजाब के संगरूर से आए सुरेंद्रलाल ने कहा कि इस बार पार्किंग में लाइट, पेयजल और जगह-जगह मेडिकल शिविरों की व्यवस्था की गई है। साफ-सफाई भी पहले की तुलना में बेहतर है। उन्होंने इसके लिए उत्तराखंड सरकार का आभार जताया।
हरियाणा के पलवल से आए शिवभक्त हरेंद्र ने कहा कि इस बार व्यवस्थाएं पहले से काफी अच्छी हैं। शौचालय साफ-सुथरे हैं और पेयजल की व्यवस्था भी बेहतर है। उन्होंने कांवड़ यात्रियों के लिए की गई व्यवस्थाओं के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया।
कांवड़ यात्रियों ने कहा कि यात्रा मार्गों पर सफाई, सुरक्षा और पेयजल की सुविधाएं पहले की तुलना में बेहतर दिखाई दे रही हैं। शिवमय हुई धर्मनगरी में श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तथा पुलिस-प्रशासन की ओर से की गई व्यवस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
श्रद्धालुओं का कहना है कि बेहतर प्रबंधन, सुविधाओं और सेवाभाव के कारण कांवड़ यात्रा का अनुभव और अधिक सुखद एवं यादगार बन रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *