विद्यार्थियों में आत्मविश्वास के निर्माण के लिए खेल शशक्त माध्यम है: डॉ. श्रीप्रकाश मिश्र

राष्ट्रीय

मातृभूमि सेवा मिशन द्वारा मातृभूमि शिक्षा मंदिर के विद्यार्थियों के मध्य आश्रम परिसर में क्रीड़ा संवाद कार्यक्रम संपन्न

कुरुक्षेत्र\
खेलकूद से विद्यार्थियों में नेतृत्व, आज्ञा पालन, समान लक्ष्य के लिए मिलकर काम करना, खेल की भावना, साहस, सहनशीलता जैसे आवश्यक सद्गुणों का विकास होता है।साथ ही शरीर की अच्छी कसरत भी हो जाती है। इन  गुणों से संपन्न, स्वस्थ शरीर के विद्यार्थी ही आगे चलकर देश के योग्य नागरिक बनकर और राष्ट्र एवं समाज के प्रति अपने जीवन का निर्वाह कर सकते है। यह विचार मातृभूमि सेवा मिशन द्वारा समाज के असहाय एवं जरूरतमंद बच्चों के लिये निःशुल्क संचालित मातृभूमि शिक्षा मंदिर के विद्यार्थियों के मध्य आयोजित विद्यार्थी जीवन में खेलों का महत्व विषय पर क्रीड़ा संवाद कार्यक्रम में मिशन के संस्थापक डॉ. श्रीप्रकाश मिश्र ने व्यक्त किये।
डॉ. श्रीप्रकाश मिश्र ने कहा कि खेलकूद शिक्षा का अनिवार्य अंग है। अच्छी शिक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों का शारीरिक, मानसिक और नैतिक विकास करना है। स्वस्थ शरीर में ही प्रखर मस्तिष्क रह सकता है। यदि कोई व्यक्ति शरीर से दुर्बल हो तो उसका दिमाग तेज नहीं हो सकता है। बीमार शरीर में मस्तिष्क कैसे स्वस्थ रह सकता है? शिक्षा में खेलकूद उतने ही आवश्यक है  जितना पढ़ाई के लिए पुस्तकें। पुस्तकों से मन और आत्मा विकास होता है, जबकि खेलकूद से शरीर स्वस्थ और सबल बनता है। विद्यार्थियों में आत्मविश्वास के निर्माण के लिए खेल शशक्त माध्यम है।
डॉ. मिश्र ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए अच्छे भविष्य और बेहतर करियर के लिए पढ़ाई का जितना महत्व है, उतना ही महत्व बेहतर जीवन के लिए खेलों का भी है। आजकल हमारे भी देश में खेलों का महत्व पहले की अपेक्षा बहुत ज्यादा बढ़ गया है। अब स्कूल, कॉलेज और राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय स्तर के खेलों में सिर्फ लड़के ही नहीं बल्कि लड़कियां भी बढ़चढ़ कर हिस्सा ले रही हैं। लेकिन कोई व्यक्ति अचानक ही खेल खेलना शुरू नहीं करता है बल्कि वह अपने विद्यार्थी जीवन से प्रेरित होकर और निरंतर अभ्यास से ही एक दिन खेल में कुछ बड़ा करता है। आज देश के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े खिलाडी अंतराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन कर रहे है।
क्रीड़ा संवाद कार्यक्रम एथलेटिक्स चैंपियन धर्मपाल एवं वीरभान राणा ने बतौर विशिष्ट अतिथि मातृभूमि शिक्षा मंदिर के विद्यार्थिओ को खेलो के महत्व पर विस्तार से  अपने विचार एवं अनुभव व्यक्त किये। कार्यक्रम की अतिविशिष्ट अतिथि वरिष्ठ अभियंता सोनिया सैनी ने विद्यार्थियों को अपने जीवन में  खेलो को अधिक से अधिक महत्व देने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में  मिशन के सदस्य एवं अनेक गणमान्य जन उपस्थित रहे।

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